राजस्थान की प्रमुख छतरियाँ
1 खम्भे की छतरी = रणथम्भौर, सवाई माधोपुर
4 खम्भों की छतरी= श्रृगांर चंवरी (चित्तौड़गढ़)
4 खम्भों की छतरी= जोधपुर, गोराधाय की
4 खम्भों की छतरी= चित्तौड़गढ़, संत रैदास की
4 खम्भों की छतरी= चित्तौड़गढ़, कल्ला राठौड़
6 खम्भों की छतरी= लोलसोट (दौसा) बंजारे की
6 खम्भों की छतरी= चित्तौडगढ़ दुर्ग, जयमल की
8 खम्भों की छतरी= बाड़ोली, महाराणा प्रताप की
8 खम्भों की छतरी= सरिस्का, संत मिश्र जी की
8 खम्भों की छतरी= चित्तौड़गढ़, संत रैदास की
8 खम्भों की छतरी= मांडलगढ़, महाराणा सांगा की
10 खम्भों की छतरी= मेहरानगढ, मांमा भांजा की
12 खम्भों की छतरी= कुम्भलगढ़, पृथ्वीराज सि. की
16 खम्भों की छतरी= नागौर, अमर सिंह राठोड़
18 खम्भों की छतरी= जोधपुर, राजसिंह चम्पावत
20 खम्भों की छतरी= जोधपुर, सिंघवियां की
32 खम्भों की छतरी= मांडलगढ़, जगन्नाथ कछवाह
80 खम्भों की छतरी= अलवर, मुसी रानी की
84 खम्भों की छतरी= बुंदी, धाबाई देवी की
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें