पराक्रम दिवस
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती (जिसे पराक्रम दिवस के रूप में आयोजित किया जाता है) को मनाने के लिए बोस की जन्मस्थली, ऐतिहासिक शहर कटक के बाराबती किले में 23 जनवरी से 25 जनवरी, 2025 तक एक भव्य समारोह आयोजित किया जा रहा है। । 23 से 25 जनवरी, 2025 तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी करेंगे। वर्ष 2022 में इंडिया गेट, नई दिल्ली में नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया गया। सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी, 1897 को ओडिशा के कटक शहर में हुआ था; उनकी माता का नाम प्रभावती दत्त बोस और पिता का नाम जानकीनाथ बोस था। सुभाष चंद्र बोस, विवेकानंद की शिक्षाओं से अत्यधिक प्रभावित थे और उन्हें अपना आध्यात्मिक गुरु मानते थे, जबकि चितरंजन दास उनके राजनीतिक गुरु थे। वर्ष 1930 के दशक के मध्य में बोस ने यूरोप की यात्रा की। उन्होंने पहले शोध किया तत्पश्चात् ‘द इंडियन स्ट्रगल’ नामक पुस्तक का पहला भाग लिखा। बोस ने वर्ष 1938 (हरिपुरा) में भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद ‘राष्ट्रीय योजना आयोग’ का गठन किया। बोस ने बर्लिन में स्वतंत्र भारत केंद्र की स्थापना की और युद्ध के लिए भारतीय कैदियों से भारतीय सेना का गठन किया। आज़ाद हिंद रेडियो का आरंभ नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के नेतृत्व में वर्ष 1942 में जर्मनी में किया गया था। इस रेडियो पर बोस ने 6 जुलाई, 1944 को महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता' के रूप में संबोधित किया। बोस जुलाई, 1943 में जर्मनी से जापान-नियंत्रित सिंगापुर पहुँचे तथा वहाँ से उन्होंने अपना प्रसिद्ध नारा ‘दिल्ली चलो’ जारी किया और 21 अक्तूबर, 1943 को आज़ाद हिंद सरकार तथा भारतीय राष्ट्रीय सेना के गठन की घोषणा की। 18 अगस्त, 1945 को जापान शासित फॉर्मोसा (वर्तमान ताइवान) में एक विमान दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई।Rajasthan General Knowledge – Get complete Rajasthan GK notes in Hindi, history, geography, culture, MCQs, current affairs and exam preparation material for REET, CET, RPSC, RSSB, RSMSB, TEACHER'S EXAM, Patwari, Police and other competitive exams.
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