यह ब्लॉग खोजें

गुरुवार, 23 जनवरी 2025

State Finance Commission, Rajasthan// राजस्थान राज्य वित्त आयोग// reet sst 2025// reet sst notes// reet// byjus

  राजस्थान राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission, Rajasthan) 🏛️

📝 राज्य वित्त आयोग का गठन राज्यपाल द्वारा अनुच्छेद 243-I (झ) और 243-Y (म) के तहत किया जाता है। इसका उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करना और उन्हें वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सुझाव देना है। 🕰️ • कार्यकाल: 5 वर्ष राजस्थान राज्य वित्त आयोग के अध्यक्षों की सूची 1. 👔 प्रथम - कृष्ण कुमार गोयल (कार्यकाल: 1 अप्रैल, 1995 – 31 मार्च, 2000) 2. 👨‍💼 द्वितीय - हीरालाल देवपुरा 3. 👨‍💼 तृतीय - माणिक चंद सुराणा 4. 👩‍⚖️ चतुर्थ - डॉ. बी.डी. कल्ला 5. 👩‍🔬 पंचम - डॉ. ज्योति किरण 6. 👨‍⚖️ छठा - प्रद्युम्न सिंह (कार्यकाल: 1 अप्रैल, 2020 – 31 मार्च, 2025) छठे राज्य वित्त आयोग की प्रमुख सिफारिशें 📋: (2020 - 2025) 📊 इस आयोग द्वारा प्रस्तुत अंतरिम प्रतिवेदन में निम्नलिखित अनुशंसाएं की गईं: 1. 💰 राज्य के स्वयं के शुद्ध कर राजस्व का 6.75% हिस्सा पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय स्थानीय निकायों को दिया जाए। 2. 📈 वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर वितरण: • 🌳 पंचायती राज संस्थाओं को 75.1% • 🏙️ शहरी स्थानीय निकायों को 24.9% 3. 💵 पंचायती राज संस्थाओं में राशि का जिलेवार वितरण: • 🏘️ जिला परिषद: 5% • 🏛️ पंचायत समितियां: 20% • 🌱 ग्राम पंचायतें: 75% 💼 इस प्रकार, राजस्थान राज्य वित्त आयोग राज्य के पंचायती राज और शहरी निकायों के वित्तीय विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 🏦

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

  अध्याय 2 : मेंडेलियन आनुवंशिकी (Mendelian Genetics) 2.1 परिचय (Introduction) आनुवंशिकी के क्षेत्र में प्रथम सफल प्रयोग तथा वंशागति के नियम...