राजस्थान राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission, Rajasthan) 
राज्य वित्त आयोग का गठन राज्यपाल द्वारा अनुच्छेद 243-I (झ) और 243-Y (म) के तहत किया जाता है। इसका उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करना और उन्हें वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सुझाव देना है।
• कार्यकाल: 5 वर्ष
राजस्थान राज्य वित्त आयोग के अध्यक्षों की सूची
1.
प्रथम - कृष्ण कुमार गोयल (कार्यकाल: 1 अप्रैल, 1995 – 31 मार्च, 2000)
2.
द्वितीय - हीरालाल देवपुरा
3.
तृतीय - माणिक चंद सुराणा
4.
चतुर्थ - डॉ. बी.डी. कल्ला
5.
पंचम - डॉ. ज्योति किरण
6.
छठा - प्रद्युम्न सिंह (कार्यकाल: 1 अप्रैल, 2020 – 31 मार्च, 2025)
छठे राज्य वित्त आयोग की प्रमुख सिफारिशें
: (2020 - 2025)
इस आयोग द्वारा प्रस्तुत अंतरिम प्रतिवेदन में निम्नलिखित अनुशंसाएं की गईं:
1.
राज्य के स्वयं के शुद्ध कर राजस्व का 6.75% हिस्सा पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय स्थानीय निकायों को दिया जाए।
2.
वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर वितरण:
•
पंचायती राज संस्थाओं को 75.1%
•
शहरी स्थानीय निकायों को 24.9%
3.
पंचायती राज संस्थाओं में राशि का जिलेवार वितरण:
•
जिला परिषद: 5%
•
पंचायत समितियां: 20%
•
ग्राम पंचायतें: 75%
इस प्रकार, राजस्थान राज्य वित्त आयोग राज्य के पंचायती राज और शहरी निकायों के वित्तीय विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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