राजस्थान का एकीकरण:-
राजस्थान एकीकरण
राजस्थान के एकीकरण सामूहिकरण का सर्वप्रथम प्रश्न उठाया-- वायसराय
लिनलिथगो
आजादी के समय वायसराय-- लॉर्ड माउंटबेटन था
रियासती विभाग स्थापना-- 5 जुलाई 1947 अध्यक्ष ---सरदार वल्लभभाई पटेल सचिन वी.पी मेनन
भारत में कुल 565 रियासतें थी
राजस्थान के एकीकरण से पूर्व राजस्थान में 19 रियासतें थी
3 ठिकाने

राजस्थान के एकीकरण सामूहिकरण का सर्वप्रथम प्रश्न उठाया-- वायसराय
लिनलिथगो
आजादी के समय वायसराय-- लॉर्ड माउंटबेटन था
एकीकरण के पूर्व राजस्थान के रियासतें- 19
【 1】अलवर- प्रथम स्वतंत्रता दिवस नहीं मनाया था
【 2】भरतपुर
【3 】धौलपुर
【 4】करौली
【5 】उदयपुर
【 6】बांसवाड़ा
【7 】डूंगरपुर
【8 】प्रतापगढ़
【 9】शाहपुरा
【10 】कोटा
【11 】 बूंदी
【 12】झालावाड़
【13 】किशनगढ़
【 14】टोंक
【15 】जयपुर
【16 】 जोधपुर
【17 】बीकानेर -एकीकरण के समय सर्वाधिक धरोहर राशि 4 करोड़ 84 लाख जमा करवाई
【 18】जैसलमेर -एकमात्र रियासत जिसने शुल्क नहीं लिया
【 19】सिरोही
एक सी श्रेणी का अजमेर मेरवाड़ा केंद्र शासित प्रदेश था
इसमे अलग से विधानसभा थी जिसे ""धारा सभा"" कहते थे
जिसमें 30 सदस्य
एकमात्र मुख्यमंत्री हरीभाउ उपाध्याय बनाए एकीकरण 7 चरणों में पूर्ण हुआ
समय लगा 8 वर्ष से 7 महीने 14 दिन
समय लगा 8 वर्ष से 7 महीने 14 दिन● प्रथम चरण - (मत्स्य संघ)दिनांक 18-3-1948 - अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली व नीमराणा ठिकाना
● द्वितीय चरण - (पूर्व राजस्थान संघ)25.03.1948 - बांसवाड़ा, बूंदी, डूंगरपुर, झालावाड़, किशनगढ़, कोटा, प्रतापगढ़, शाहपुरा, टाँक व कुशलगढ़ ठिकाना
● तृतीय चरण - (संयुक्त राजस्थान संघ)18.04.1948 - राजस्थान संघ + उदयपुर
● चतुर्थ चरण - (वृहत् राजस्थान संघ)30.03.1949 - संयुक्त राजस्थान संघ बीकानेर, जयपुर, जैसलमेर, जोधपुर व लावा ठिकाना
● पंचम चरण - (संयुक्त वृहतर राजस्थान)15.05.1949 - वृहत् राजस्थान संघ + मत्स्य संघ
● षष्टम चरण - (राजस्थान संघ) 26.01.1950 - संयुक्त वृहत् राजस्थान सिरोही (आबू व दिलवाड़ा तहसील को छोड़कर)
● सप्तम चरण - राजस्थान (वर्तमान स्वरूप) 01.11.1956 - राजस्थान संघ अजमेर-मेरवाड़ा, आबू-दिलवाड़ा तहसील, सुनेल टप्पा व सिरौंज
• राजस्थान का एकीकरण सात चरणों में पूरा हुआ।
• यह प्रक्रिया 18 मार्च, 1948 ई. से प्रारंभ हुई, जो 1 नवंबर, 1956 ई. में पूरी हुई। उस समय राजस्थान में कुल 26 जिले थे।
• राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया 8 वर्ष 7 माह व 14 दिन में पूरी हुई।
• राजस्थान में स्वतंत्रता प्राप्ति के समय 19 रियासतें, 3 ठिकाने (नीमराणा, अलवर, कुशलगढ़, बाँसवाड़ा, लावा 'टोंक') व एक अंग्रेज़ शासित प्रदेश मेरवाड़ा (अजमेर), थे।
• बीकानेर नरेश सार्दूलसिंह सम्मिलन पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले पहले राजा थे। राजस्थान की सबसे पुरानी रियासतों में मेवाड़ व नवीन में झालावाड़ थी जिसका निर्माण अंग्रेज़ों द्वारा किया गया।
• क्षेत्रफल की दृष्टि से मारवाड़ व जनसंख्या की दृष्टि से जयपुर सबसे बड़ी रियासत थी जबकि शाहपुर क्षेत्रफल व जनसंख्या दोनों ही दृष्टि से सबसे छोटी रियासत थी।
• धार्मिक आधारों पर टोंक एकमात्र मुस्लिम तथा धौलपुर व भरतपुर जाटों की रियासतें थीं। राजस्थान में अधिकतर रियासतें राजपूतों की ही थीं।
• राजस्थान के एकीकरण के दौरान 25 मार्च, 1948 को दूसरे चरण में पहली बार 'राजस्थान' शब्द जुड़ा।
• एकीकरण के दौरान 30 मार्च, 1949 को वृहत्त राजस्थान संघ में अधिकांशः रियासतों के विलय हो जाने के कारण 30 मार्च को ‘राजस्थान दिवस' के रूप में मनाते है।
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