राजस्थान के प्रमुख साके — Notes & 50 MCQs
Notes — राजस्थान के प्रमुख साके (संगठित सार)
1. रणथम्भौर का साका (1301)
- साल 1301 — अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय हुआ।
- इसमें हम्मीर देव चौहान का विश्वासघात के कारण वीरगति प्राप्त होना और उनकी पत्नी रंगादेवी द्वारा जौहर का उल्लेख है।
- इसे राजस्थान के गौरवशाली इतिहास का प्रथम साका माना जाता है।
2. चित्तौड़गढ़ के तीन साके
चित्तौड़ पर कुल तीन महान साके हुए — प्रत्येक का समय और प्रमुख घटनाएँ निम्न हैं:
- प्रथम साका (1303) — राणा रतन सिंह के शासनकाल में अलाउद्दीन खिलजी का आक्रमण; रानी पद्मिनी सहित स्त्रियों ने जौहर किया।
- द्वितीय साका (1535) — राणा विक्रमादित्य के शासनकाल में बहादुर शाह (गुजरात) के आक्रमण; रानी कर्मवती के नेतृत्व में जौहर।
- तृतीय साका (1568) — राणा उदयसिंह के समय अकबर का आक्रमण; जयमल और पत्तासाहब ने वीरता दिखाई; स्त्रियों ने जौहर किया।
3. जालौर का साका (1311–12)
- कान्हड़देव (Kanhadadeva) के शासनकाल में 1311–12 में अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय हुआ।
4. गागरोण किले के साके
- प्रथम साका (1423) — अचलदास खींची के शासनकाल में, माण्डू के सुल्तान होशंगशाह के आक्रमण के समय हुआ।
- द्वितीय साका (1444) — यह सन् 1444 में माण्डू के सुल्तान महमूद खिलजी के आक्रमण के समय हुआ।
5. जैसलमेर के ढाई साके
जैसलमेर में कुल ढाई साके माने जाते हैं — तीसरे को अर्ध साका कहा जाता है (क्योंकि जौहर नहीं हुआ):
- प्रथम साका — अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय हुआ।
- द्वितीय साका — फिरोजशाह तुगलक के आक्रमण के समय हुआ।
- तृतीय साका (अर्ध साका) — लूणकरण के शासनकाल में कंधार के शासक अमीर अली के आक्रमण के समय हुआ; वीरों ने केसरिया तो किया किन्तु जौहर नहीं हुआ।
Usage tip: परीक्षा उत्तर में घटनाक्रम (Year → Aggressor → Local ruler → Result → विशेष बातें) क्रम में दें—यह अंक पाने में मदद करता है।
50 MCQs — राजस्थान के प्रमुख साके (Practice Quiz)
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