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गुरुवार, 22 जनवरी 2026

अध्याय 1 – भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन// Physical and Chemical Changes// // LDC// JR. ACCOUNTANT// RAS// REET, 3rd grade, 2nd grade, 1ST grade exam

 

📘 अध्याय 1 – भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन

(Physical and Chemical Changes)

🔹 भूमिका (Introduction)

  • जब किसी पदार्थ को गर्म या ठंडा किया जाता है तो उसकी अवस्था बदल सकती है।

    • जल गरम करने पर → भाप

    • ठंडा करने पर → बर्फ

  • कभी-कभी पदार्थ जलाने या अभिक्रिया करने पर नया पदार्थ बन जाता है

  • पदार्थों में होने वाले परिवर्तन दो प्रकार के होते हैं –
    1️⃣ भौतिक परिवर्तन (Physical Change)
    2️⃣ रासायनिक परिवर्तन (Chemical Change)


🔹 भौतिक परिवर्तन (Physical Change)

✅ परिभाषा

जिस परिवर्तन में पदार्थ की भौतिक अवस्था या आकार बदलता है लेकिन
उसकी रासायनिक संरचना एवं गुण नहीं बदलते, उसे भौतिक परिवर्तन कहते हैं।

✨ मुख्य बिंदु

  • कोई नया पदार्थ नहीं बनता

  • परिवर्तन सामान्यतः उलटने योग्य (Reversible) होता है

  • केवल अवस्था, आकार, रूप या स्थिति बदलती है

  • अणु की संरचना वही रहती है

🧪 उदाहरण

  • बर्फ का पिघलना

  • जल का वाष्प में बदलना

  • नौसादर का उर्ध्वपातन

  • शक्कर का पानी में घुलना

  • काँच का टूटना

  • सोने का पिघलना

  • लोहे का चुंबक में बदलना

🧬 महत्वपूर्ण तथ्य

  • जल चाहे भाप बने या बर्फ → उसका अणुसूत्र हमेशा H₂O ही रहता है

  • नौसादर (NH₄Cl) ठोस व गैस दोनों अवस्था में भी वही रहता है

📘 भौतिक परिवर्तन के गुण (Properties of Physical Change)

✨ मुख्य बिंदु

1️⃣ भौतिक परिवर्तन में पदार्थ के आकार, अवस्था, आयतन, ताप, घनत्व, रंग आदि में परिवर्तन होता है।
2️⃣ पदार्थ के रासायनिक संघटन एवं रासायनिक गुण नहीं बदलते
3️⃣ यह परिवर्तन सामान्यतः उलटने योग्य (Reversible) होता है।
4️⃣ यह परिवर्तन अस्थायी (Temporary) होता है।


🔹 1.2 रासायनिक परिवर्तन (Chemical Change)

✅ परिभाषा

जिस परिवर्तन में पदार्थ से नया पदार्थ बनता है और जो
रासायनिक संघटन एवं गुणों में पूर्णतः भिन्न होता है, उसे रासायनिक परिवर्तन कहते हैं।


🧪 उदाहरण (खाने का सोडा + अम्ल)

जब खाने के सोडे में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मिलाया जाता है तो क्रिया होती है –

NaHCO₃ + HCl → NaCl + H₂O + CO₂↑

  • यहाँ नया पदार्थ बनता है –

    • कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂)

    • नमक (NaCl)

    • जल (H₂O)

  • इस क्रिया को वापस पहले जैसा नहीं बनाया जा सकता → इसलिए यह रासायनिक परिवर्तन है।


🧪 रासायनिक परिवर्तन के उदाहरण

  • कोयले का जलना

  • लोहे पर जंग लगना

  • दूध से दही बनना

  • अवक्षेपण

  • दहन

  • किण्वन


🔹 रासायनिक परिवर्तन के गुण (Properties of Chemical Change)

1️⃣ नये पदार्थ बनते हैं जो मूल पदार्थ से रासायनिक गुणों व संघटन में भिन्न होते हैं।
2️⃣ यह परिवर्तन अनुत्क्रमणीय (Irreversible) होता है।
3️⃣ यह परिवर्तन सामान्यतः स्थायी (Permanent) होता है।
4️⃣ इस परिवर्तन में पदार्थ के भौतिक व रासायनिक दोनों गुण बदल जाते हैं


🔹 1.3 रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction)

✅ परिभाषा

किसी पदार्थ में रासायनिक परिवर्तन होने की प्रक्रिया को
रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं।

✨ मुख्य तथ्य

  • रासायनिक क्रिया में एक पदार्थ दूसरे पदार्थ में बदल जाता है।

  • पदार्थ का रासायनिक संघटन एवं गुण बदल जाते हैं

  • लेकिन कुल द्रव्यमान (Mass) में कोई परिवर्तन नहीं होता
    👉 इसे द्रव्यमान संरक्षण का नियम कहते हैं।

📘 द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass)

✨ उदाहरण

कैल्सियम कार्बोनेट को गर्म करने पर –

CaCO₃ → CaO + CO₂↑

  • CaCO₃ का द्रव्यमान = 100 ग्राम

  • बनने वाला CaO = 56 ग्राम

  • बनने वाली CO₂ = 44 ग्राम

👉 कुल द्रव्यमान = 56 + 44 = 100 ग्राम

✅ निष्कर्ष

रासायनिक अभिक्रिया में
✔️ द्रव्यमान न तो बनता है और न नष्ट होता है
✔️ केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदलता है


🔹 रासायनिक समीकरण (Chemical Equation)

  • रासायनिक अभिक्रिया को रासायनिक समीकरण द्वारा व्यक्त किया जाता है।

  • जिन पदार्थों से अभिक्रिया होती है → अभिकारक (Reactants)

  • जो नये पदार्थ बनते हैं → उत्पाद (Products)


🔹 रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार

अभिकारकों के संयोग या उत्पाद बनने के आधार पर अभिक्रियाएँ कई प्रकार की होती हैं।
यहाँ मुख्य अभिक्रिया दी गई है –


🔹 1.3.1 संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction)

✅ परिभाषा

जब दो या दो से अधिक पदार्थ (तत्व या यौगिक) मिलकर
एक नया पदार्थ बनाते हैं, तो उसे संयोजन या योग अभिक्रिया कहते हैं।

✨ सामान्य रूप

A + B → AB


🧪 (i) अकार्बनिक संयोजन अभिक्रिया के उदाहरण

1️⃣ 2Mg + O₂ → 2MgO
(मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड)

2️⃣ NH₃ + HCl → NH₄Cl
(अमोनिया + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल → अमोनियम क्लोराइड)

3️⃣ CO + Cl₂ → COCl₂
(कार्बन मोनोऑक्साइड + क्लोरीन → कार्बोनिल क्लोराइड)


🧪 (ii) कार्बनिक संयोजन अभिक्रिया

  • एथीन (CH₂=CH₂) में हाइड्रोजन जुड़कर → एथेन (CH₃–CH₃) बनता है

  • एथीन में क्लोरीन जुड़कर → एथिल क्लोराइड (CH₂–CH₂Cl) बनता है


🔹 महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Exam Points)

✔️ रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान संरक्षित रहता है
✔️ अभिकारक → जिनसे अभिक्रिया शुरू होती है
✔️ उत्पाद → जो अभिक्रिया के बाद बनते हैं
✔️ संयोजन अभिक्रिया में हमेशा एक ही उत्पाद बनता है


🔹 1.3.2 विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction)

✅ परिभाषा

जब किसी यौगिक में उपस्थित किसी परमाणु या आयन के स्थान पर कोई दूसरा परमाणु या आयन आ जाता है, तो इस प्रक्रिया को विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं।

✨ सामान्य रूप

AB + C → AC + B


🧪 मुख्य उदाहरण

CuSO₄ + Zn → ZnSO₄ + Cu

  • जस्ता (Zn) ताँबे (Cu) से अधिक सक्रिय धातु है।

  • Zn, CuSO₄ से ताँबे को विस्थापित कर देता है।

  • परिणामस्वरूप ZnSO₄ बनता है और ताँबा अलग हो जाता है।


🧪 अन्य उदाहरण

1️⃣ CuO + 2AgNO₃ → Cu(NO₃)₂ + Ag₂O
2️⃣ 2ZnS + O₂ → 2ZnO + 2S


🔹 द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction)

✅ परिभाषा

जब रासायनिक अभिक्रिया में दो यौगिकों के आयन परस्पर अदला-बदली करके
दो नये यौगिक बनाते हैं, तो इसे द्विविस्थापन अभिक्रिया कहते हैं।

✨ सामान्य रूप

AB + CD → AD + CB


🧪 उदाहरण

1️⃣ AgNO₃ + KCl → AgCl + KNO₃
2️⃣ BaCl₂ + Na₂SO₄ → BaSO₄ + 2NaCl


🔹 1.3.3 अपघटन अभिक्रिया (Decomposition Reaction)

✅ परिभाषा

जब कोई एक यौगिक टूटकर दो या दो से अधिक सरल पदार्थों में बदल जाता है, तो इस प्रक्रिया को अपघटन अभिक्रिया कहते हैं।

✨ सामान्य रूप

AB → A + B


✨ विशेष तथ्य

  • अपघटन के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

  • ऊर्जा निम्न रूपों में दी जाती है –
    🔥 ऊष्मा (Heat)
    ⚡ विद्युत (Electricity)
    💡 प्रकाश (Light)

👉 इसी आधार पर अपघटन अभिक्रियाएँ तीन प्रकार की होती हैं –
(अगले भाग में – ऊष्मीय, विद्युत, प्रकाश अपघटन)


🔹 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु

✔️ अधिक सक्रिय धातु कम सक्रिय धातु को विस्थापित करती है
✔️ विस्थापन → एक तत्व हटता है
✔️ द्विविस्थापन → दो आयनों की अदला-बदली
✔️ अपघटन → एक यौगिक टूटकर अनेक पदार्थ बनाता है
✔️ अपघटन में हमेशा ऊर्जा की आवश्यकता होती है


🔹 अपघटन अभिक्रिया के प्रकार (Types of Decomposition Reaction)

अपघटन अभिक्रिया में यौगिक को तोड़ने के लिए ऊर्जा दी जाती है।
ऊर्जा के प्रकार के आधार पर यह तीन प्रकार की होती है –


🧪 1. तापीय अपघटन (Thermal Decomposition)

✅ परिभाषा

जब किसी पदार्थ को गर्म करने पर वह ऊष्मा अवशोषित करके
सरल पदार्थों में टूट जाता है, तो इसे तापीय अपघटन कहते हैं।

✨ उदाहरण

1️⃣ 2KNO₃ (ताप) → 2KNO₂ + O₂
(पोटैशियम नाइट्रेट → पोटैशियम नाइट्राइट + ऑक्सीजन)

2️⃣ 2Pb(NO₃)₂ (ताप) → 2PbO + 4NO₂ + O₂
(लेड नाइट्रेट → लेड ऑक्साइड + नाइट्रोजन डाइऑक्साइड + ऑक्सीजन)


⚡ 2. विद्युत अपघटन (Electrolytic Decomposition)

✅ परिभाषा

जब किसी पदार्थ की गलित या जलीय अवस्था में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है
और वह सरल पदार्थों में टूट जाता है, तो इसे विद्युत अपघटन कहते हैं।

✨ उदाहरण

1️⃣ 2NaCl (विद्युत) → 2Na + Cl₂↑

2️⃣ 2H₂O (विद्युत) → 2H₂↑ + O₂↑


💡 3. प्रकाश द्वारा अपघटन (Photochemical Decomposition)

✅ परिभाषा

जिस रासायनिक अभिक्रिया में कोई यौगिक प्रकाश ऊर्जा अवशोषित करके टूट जाता है,
उसे प्रकाश अपघटन कहते हैं।

✨ उदाहरण

1️⃣ 2O₃ (प्रकाश) → 3O₂

2️⃣ 2HBr (प्रकाश) → H₂ + Br₂


🔹 1.3.4 ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया

(Exothermic and Endothermic Reactions)


🔥 ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction)

✅ परिभाषा

जिस रासायनिक अभिक्रिया में ऊष्मा निकलती है, उसे ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहते हैं।

✨ उदाहरण

  • पानी में वाशिंग पाउडर घोलने पर गिलास गर्म हो जाना

  • दहन अभिक्रियाएँ

🔹 कारण

  • जब उत्पादों की कुल ऊर्जा < अभिकारकों की कुल ऊर्जा होती है
    👉 तब अतिरिक्त ऊर्जा ऊष्मा के रूप में निकलती है


❄️ ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction)

✅ परिभाषा

जिस रासायनिक अभिक्रिया में ऊष्मा अवशोषित होती है, उसे ऊष्माशोषी अभिक्रिया कहते हैं।

✨ उदाहरण

  • पानी में शक्कर घोलने पर ठंडक महसूस होना

  • अपघटन अभिक्रियाएँ

🔹 कारण

  • जब उत्पादों की कुल ऊर्जा > अभिकारकों की कुल ऊर्जा होती है
    👉 तब ऊर्जा बाहर से अवशोषित की जाती है


🔹 परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु (Very Important Points)

✔️ अपघटन अभिक्रिया में हमेशा ऊर्जा की आवश्यकता होती है
✔️ तापीय अपघटन → ऊष्मा द्वारा
✔️ विद्युत अपघटन → विद्युत धारा द्वारा
✔️ प्रकाश अपघटन → प्रकाश ऊर्जा द्वारा

✔️ ऊष्माक्षेपी → ऊष्मा निकलती है
✔️ ऊष्माशोषी → ऊष्मा ली जाती है

✔️ द्रव्यमान हमेशा संरक्षित रहता है

🔹 ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ (Revision + Examples)

जब उत्पादों की कुल ऊर्जा अभिकारकों से कम होती है → ऊष्मा निकलती है → ऊष्माक्षेपी
जब उत्पादों की कुल ऊर्जा अभिकारकों से अधिक होती है → ऊष्मा ली जाती है → ऊष्माशोषी


🔥 1. ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction)

✅ परिभाषा

वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें ऊष्मा उत्पन्न (निकलती) है,
उन्हें ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहते हैं।

✨ उदाहरण

1️⃣ N₂ + 3H₂ → 2NH₃ + 93.33 kJ (ऊष्मा)

2️⃣ 2SO₂ + O₂ → 2SO₃ + ऊष्मा

3️⃣ NaOH + HCl → NaCl + H₂O + ऊष्मा
(उदासीनीकरण अभिक्रिया भी ऊष्माक्षेपी होती है)


❄️ 2. ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction)

✅ परिभाषा

वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें ऊष्मा का अवशोषण होता है,
उन्हें ऊष्माशोषी अभिक्रिया कहते हैं।

✨ उदाहरण

1️⃣ N₂ + O₂ → 2NO – 180 kJ (ऊष्मा ली जाती है)

2️⃣ 2HI → H₂ + I₂ – ऊष्मा


🔹 1.3.5 ऑक्सीकरण तथा अपचयन अभिक्रियाएँ

(Oxidation and Reduction Reactions)


📌 प्रारंभिक विचार

पहले केवल ऑक्सीजन और हाइड्रोजन के आधार पर परिभाषा दी जाती थी।
बाद में परिभाषा का विस्तार हुआ और इलेक्ट्रॉनों (ऋणावेश) के आधार पर भी समझाया गया।


🔥 ऑक्सीकरण (Oxidation)

✅ परिभाषा – ऑक्सीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें –

✔️ किसी पदार्थ का ऑक्सीजन से संयोग हो
या
✔️ किसी पदार्थ का ऋणावेशी तत्व (इलेक्ट्रॉन) से संयोग हो
या
✔️ किसी पदार्थ में हाइड्रोजन की कमी हो


✨ (i) ऑक्सीजन के साथ संयोग

1️⃣ C + O₂ → CO₂
2️⃣ 2Mg + O₂ → 2MgO


✨ (ii) ऋणावेशी तत्व से संयोग

1️⃣ Fe + Cl₂ → FeCl₂
2️⃣ SnCl₂ + Cl₂ → SnCl₄

➡️ यहाँ Fe और SnCl₂ का ऑक्सीकरण हो रहा है क्योंकि क्लोरीन जुड़ रहा है।


✨ (iii) हाइड्रोजन की कमी

1️⃣ H₂S → H₂ + S

2️⃣ CH₃CH₂OH → CH₃CHO + H₂
(एथिल अल्कोहल → एसीटैल्डिहाइड)

➡️ यहाँ हाइड्रोजन निकलने से यह ऑक्सीकरण है।


❄️ अपचयन (Reduction) – (याद रखने के लिए)

हालाँकि अगला भाग पेज में आगे होगा, पर परीक्षा के लिए जरूरी है 👇

अपचयन वह प्रक्रिया है जिसमें –

✔️ किसी पदार्थ से ऑक्सीजन निकलती है
या
✔️ किसी पदार्थ में हाइड्रोजन जुड़ता है
या
✔️ किसी पदार्थ को इलेक्ट्रॉन प्राप्त होते हैं


🔹 परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु (Very Important Points)

⭐ ऊष्माक्षेपी → ऊष्मा निकलती है
⭐ ऊष्माशोषी → ऊष्मा ली जाती है

⭐ ऑक्सीकरण के लक्षण –
✔️ ऑक्सीजन का जुड़ना
✔️ इलेक्ट्रॉन का निकलना
✔️ हाइड्रोजन का निकलना

⭐ अपचयन के लक्षण –
✔️ ऑक्सीजन का निकलना
✔️ इलेक्ट्रॉन का जुड़ना
✔️ हाइड्रोजन का जुड़ना

⭐ ऑक्सीकरण और अपचयन हमेशा साथ-साथ होते हैं (Redox Reaction)


🔹 ऑक्सीकरण (Oxidation) – Final Notes

✅ ऑक्सीकरण की परिभाषा

ऑक्सीकरण वह रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें किसी पदार्थ में –

✔️ ऑक्सीजन का संयोग होता है
या
✔️ ऋण विद्युत तत्व (इलेक्ट्रॉन) निकलते हैं
या
✔️ हाइड्रोजन की कमी होती है
या
✔️ धन विद्युत तत्व की कमी होती है


🔥 उदाहरण –

(i) ऑक्सीजन से संयोग

C + O₂ → CO₂
2Mg + O₂ → 2MgO


(ii) ऋण विद्युत तत्व (क्लोरीन आदि) से संयोग

Fe + Cl₂ → FeCl₂
SnCl₂ + Cl₂ → SnCl₄

➡️ यहाँ Fe और SnCl₂ का ऑक्सीकरण हो रहा है।


(iii) हाइड्रोजन की कमी

H₂S → H₂ + S

CH₃CH₂OH → CH₃CHO + H₂
(एथिल अल्कोहल → एसीटैल्डिहाइड)

➡️ हाइड्रोजन कम होने से यह ऑक्सीकरण है।


(iv) धन विद्युत तत्व की कमी

2KI + Cl₂ → 2KCl + I₂

➡️ KI से K की कमी होने पर KI का ऑक्सीकरण होता है।


🔹 अपचयन (Reduction) – Final Notes

✅ अपचयन की परिभाषा

अपचयन वह रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें –

✔️ हाइड्रोजन का संयोग होता है
या
✔️ ऋण विद्युत तत्व का संयोग होता है
या
✔️ ऑक्सीजन की कमी होती है
या
✔️ धन विद्युत तत्व का संयोग होता है


❄️ उदाहरण –

(i) हाइड्रोजन से संयोग

H₂ + Cl₂ → 2HCl
2Na + H₂ → 2NaH (सोडियम हाइड्राइड)

➡️ यहाँ अपचयन हो रहा है।


(ii) ऋण विद्युत तत्व से संयोग

Cl₂ + Mg → MgCl₂
I₂ + Hg → HgI₂

➡️ Cl₂ और I₂ का अपचयन हो रहा है।


(iii) ऑक्सीजन की कमी

2MgO → 2Mg + O₂
2ZnO → 2Zn + O₂

➡️ ऑक्सीजन निकलने से यह अपचयन है।


(iv) धन विद्युत तत्व का संयोग

2FeCl₃ → 2FeCl₂ + Cl₂
FeS → Fe + S

➡️ FeCl₃ → FeCl₂ तथा FeS → Fe = अपचयन


🔹 Redox का Golden Rule (बहुत जरूरी 🔥)

⭐ ऑक्सीकरण और अपचयन हमेशा साथ-साथ होते हैं
⭐ किसी एक का ऑक्सीकरण होगा तो दूसरे का अपचयन जरूर होगा


🔹 परीक्षा के लिए सुपर महत्वपूर्ण One-liners

✔️ ऑक्सीकरण = ऑक्सीजन का जुड़ना / हाइड्रोजन का निकलना / इलेक्ट्रॉन का निकलना
✔️ अपचयन = ऑक्सीजन का निकलना / हाइड्रोजन का जुड़ना / इलेक्ट्रॉन का जुड़ना
✔️ जिस पदार्थ का ऑक्सीकरण होता है वही दूसरे का अपचयन कराता है
✔️ सभी Redox अभिक्रियाएँ युग्म (pair) में होती हैं

🔹 1.3.6 ऑक्सीकरण तथा अपचयन की आधुनिक अवधारणा

(Modern Concept of Oxidation and Reduction)

📌 आधुनिक अवधारणाएँ

ऑक्सीकरण–अपचयन को अब दो मुख्य आधारों पर समझा जाता है –

1️⃣ इलेक्ट्रॉनिक अवधारणा (Electronic Concept)
2️⃣ ऑक्सीकरण अंक अवधारणा (Oxidation Number Concept)

👉 यहाँ हम इलेक्ट्रॉनिक अवधारणा पढ़ते हैं।


🔥 इलेक्ट्रॉनिक अवधारणा के अनुसार

✅ ऑक्सीकरण (Oxidation)

ऑक्सीकरण वह रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें कोई पदार्थ –

✔️ इलेक्ट्रॉन का त्याग करता है
✔️ धन आवेश बढ़ता है
✔️ ऋण आवेश घटता है

➡️ इसे विअलेक्ट्रॉनिकरण (De-electronation) भी कहते हैं।


🔹 ऑक्सीकरण के प्रकार (Examples सहित)

(i) परमाणु का ऑक्सीकरण

Na → Na⁺ + e⁻
Ca → Ca²⁺ + 2e⁻
Zn → Zn²⁺ + 2e⁻

➡️ इलेक्ट्रॉन निकलने से यह ऑक्सीकरण है।


(ii) धन आयन का ऑक्सीकरण

Fe²⁺ → Fe³⁺ + e⁻
Sn²⁺ → Sn⁴⁺ + 2e⁻
Cu⁺ → Cu²⁺ + e⁻

➡️ धन आवेश बढ़ने से ऑक्सीकरण हुआ।


(iii) ऋण आयन का ऑक्सीकरण

2Cl⁻ → Cl₂ + 2e⁻
MnO₄²⁻ → MnO₄⁻ + e⁻
2O²⁻ → O₂ + 4e⁻

➡️ ऋण आयन इलेक्ट्रॉन छोड़ता है → ऑक्सीकरण


(iv) अणु का ऑक्सीकरण

H₂S → H₂ + S
या
H₂S → 2H⁺ + S²⁻

➡️ यहाँ इलेक्ट्रॉन निकलने से यह ऑक्सीकरण है।


🔹 ऑक्सीकरण में होने वाले परिवर्तन

⭐ इलेक्ट्रॉन निकलते हैं
⭐ धन आवेश बढ़ता है
⭐ ऋण आवेश घटता है


❄️ अपचयन (Reduction) – आधुनिक अवधारणा

✅ परिभाषा

अपचयन वह रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें कोई पदार्थ –

✔️ एक या अधिक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है
✔️ धन आवेश घटता है
✔️ ऋण आवेश बढ़ता है

➡️ इसे इलेक्ट्रॉनिकरण (Electronation) भी कहते हैं।


🔹 अपचयन के उदाहरण

परमाणु का अपचयन

Cl + e⁻ → Cl⁻
S + 2e⁻ → S²⁻

➡️ इलेक्ट्रॉन मिलने से यह अपचयन है।


🔹 Redox का सबसे महत्वपूर्ण नियम 🔥

⭐ ऑक्सीकरण और अपचयन हमेशा साथ-साथ होते हैं
⭐ जहाँ ऑक्सीकरण होगा, वहीं अपचयन भी होगा
⭐ कोई भी अभिक्रिया केवल ऑक्सीकरण या केवल अपचयन नहीं हो सकती


🔹 परीक्षा के लिए Super Important One-liners

✔️ ऑक्सीकरण = इलेक्ट्रॉन का त्याग
✔️ अपचयन = इलेक्ट्रॉन का ग्रहण
✔️ De-electronation = ऑक्सीकरण
✔️ Electronation = अपचयन
✔️ ऑक्सीकरण में धन आवेश बढ़ता है
✔️ अपचयन में ऋण आवेश बढ़ता है
✔️ सभी रेडॉक्स अभिक्रियाएँ युग्म में होती हैं

🔹 आयन का अपचयन (Reduction of Ions)

✅ (क) धन आयन का अपचयन

जब धन आयन इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है, तो अपचयन होता है –

Mg²⁺ + 2e⁻ → Mg
Pb⁴⁺ + 2e⁻ → Pb²⁺

➡️ इलेक्ट्रॉन मिलने से अपचयन हुआ।


✅ (ख) ऋण आयन का अपचयन

Cr₂O₇²⁻ → 2Cr³⁺
NO₃⁻ → NO₂⁻

➡️ ऋण आयन में आवेश घटा → अपचयन


✅ (ग) अणु का अपचयन

MnO₂ → Mn²⁺

➡️ ऑक्सीजन की कमी से यह अपचयन है।


🔹 अपचयन में होने वाले परिवर्तन

⭐ इलेक्ट्रॉन ग्रहण होते हैं
⭐ ऋण आवेश बढ़ता है
⭐ धन आवेश घटता है


🔹 सारणी 1.1 – ऑक्सीकरण एवं अपचयन का तुलनात्मक अध्ययन 🔥

क्रमऑक्सीकरणअपचयन
1️⃣ऑक्सीजन से संयोगहाइड्रोजन से संयोग
2️⃣ऋण विद्युत तत्व से संयोगधन विद्युत तत्व से संयोग
3️⃣हाइड्रोजन की कमीऑक्सीजन की कमी
4️⃣धन विद्युत तत्व की कमीऋण विद्युत तत्व की कमी
5️⃣इलेक्ट्रॉन का त्यागइलेक्ट्रॉन का ग्रहण

👉 यह तालिका REET में बहुत बार पूछी जाती है 🔥


🔹 1.3.7 रेडॉक्स (अपोपचय) अभिक्रिया

(Redox Reaction)

✅ परिभाषा

जिन रासायनिक अभिक्रियाओं में ऑक्सीकरण और अपचयन दोनों एक साथ होते हैं,
उन्हें रेडॉक्स (Redox) अभिक्रिया कहते हैं।

👉 क्योंकि –

  • एक पदार्थ इलेक्ट्रॉन छोड़ता है (ऑक्सीकरण)

  • दूसरा पदार्थ वही इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है (अपचयन)

इसलिए दोनों क्रियाएँ हमेशा साथ-साथ होती हैं।


🔥 रेडॉक्स अभिक्रिया के उदाहरण

1️⃣

Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu

➡️ Zn का ऑक्सीकरण
➡️ Cu²⁺ का अपचयन


2️⃣

Fe₂O₃ + 2Al → Al₂O₃ + 2Fe

➡️ Al का ऑक्सीकरण
➡️ Fe³⁺ का अपचयन


3️⃣

2H₂S + SO₂ → 2H₂O + 3S

➡️ H₂S का ऑक्सीकरण
➡️ SO₂ का अपचयन


🔹 परीक्षा के लिए Super Important Points 🔥

⭐ सभी रेडॉक्स अभिक्रियाओं में ऑक्सीकरण + अपचयन साथ-साथ होते हैं
⭐ केवल ऑक्सीकरण या केवल अपचयन वाली कोई अभिक्रिया नहीं होती
⭐ जो इलेक्ट्रॉन छोड़ता है → वही दूसरे का अपचयन कराता है
⭐ इलेक्ट्रॉन दाता = अपचायक (Reducing agent)
⭐ इलेक्ट्रॉन ग्राही = ऑक्सीकारक (Oxidizing agent)


🔹 Final One-liners (Very Useful for REET)

✔️ ऑक्सीकरण = इलेक्ट्रॉन का त्याग
✔️ अपचयन = इलेक्ट्रॉन का ग्रहण
✔️ Redox = Oxidation + Reduction
✔️ सभी रासायनिक अभिक्रियाएँ Redox नहीं होतीं
✔️ सभी Redox अभिक्रियाओं में ऊर्जा का आदान-प्रदान होता है


🔹 ऑक्सीकारक (Oxidizing Agent)

✅ परिभाषा

वह पदार्थ जो इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है या जिसका अपचयन होता है,
उसे ऑक्सीकारक कहते हैं।

➡️ ऑक्सीकारक स्वयं अपचयित होता है और दूसरे का ऑक्सीकरण कराता है।


🔹 अपचायक (Reducing Agent)

✅ परिभाषा

वह पदार्थ जो इलेक्ट्रॉन त्यागता है या जिसका ऑक्सीकरण होता है,
उसे अपचायक कहते हैं।

➡️ अपचायक स्वयं ऑक्सीकृत होता है और दूसरे का अपचयन कराता है।


🔹 उदाहरण (बहुत महत्वपूर्ण 🔥)

CuSO₄ + Fe → FeSO₄ + Cu

यहाँ –

  • Fe → Fe²⁺ + 2e⁻ → Fe का ऑक्सीकरण → Fe = अपचायक

  • Cu²⁺ + 2e⁻ → Cu → Cu²⁺ का अपचयन → CuSO₄ = ऑक्सीकारक

👉 निष्कर्ष –
✔️ Fe = अपचायक
✔️ CuSO₄ (Cu²⁺) = ऑक्सीकारक


🔹 1.3.8 मंद एवं तीव्र अभिक्रियाएँ

(Slow and Fast Reactions)


⚡ तीव्र अभिक्रिया (Fast Reaction)

✅ परिभाषा

वे अभिक्रियाएँ जो बहुत कम समय (सेकंड के अंश) में पूरी हो जाती हैं,
उन्हें तीव्र अभिक्रियाएँ कहते हैं।

✨ उदाहरण

1️⃣ NaOH + HCl → NaCl + H₂O (10⁻¹⁰ सेकंड)
2️⃣ NaCl + AgNO₃ → NaNO₃ + AgCl ↓
3️⃣ NO₂ + NO₂ → N₂O₄ ↑ (10⁻⁶ सेकंड)


🐢 मंद अभिक्रिया (Slow Reaction)

✅ परिभाषा

वे अभिक्रियाएँ जिन्हें पूरा होने में मिनट, घंटे, दिन या वर्ष लगते हैं,
उन्हें मंद अभिक्रियाएँ कहते हैं।

✨ उदाहरण

1️⃣ CH₃COOH + C₂H₅OH → CH₃COOC₂H₅ + H₂O
(एसीटिक अम्ल + एथिल अल्कोहल → एथिल एसीटेट)

2️⃣ 4Fe + 3O₂ + 6H₂O → 2Fe₂O₃·3H₂O
➡️ लोहे पर जंग लगने की क्रिया (Rusting)


🔹 परीक्षा के लिए Important Points 🔥

⭐ जंग लगना = मंद अभिक्रिया
⭐ उदासीनीकरण (Acid + Base) = तीव्र अभिक्रिया
⭐ तीव्र अभिक्रिया प्रायः आयनों के बीच होती है
⭐ मंद अभिक्रियाएँ अधिक समय लेती हैं


🔹 1.4 उत्प्रेरक (Catalyst)

✅ परिभाषा

वह बाह्य पदार्थ जो स्वयं अपरिवर्तित रहते हुए
किसी रासायनिक अभिक्रिया की गति को बढ़ा या घटा देता है,
उसे उत्प्रेरक (Catalyst) कहते हैं।

👉 इस प्रक्रिया को उत्प्रेरण (Catalysis) कहते हैं।


🔥 उत्प्रेरक के गुण

✔️ स्वयं अभिक्रिया में नष्ट नहीं होता
✔️ अभिक्रिया की गति बदलता है
✔️ बहुत कम मात्रा में प्रभावी होता है
✔️ अंत में अपरिवर्तित रहता है


🧪 प्रयोग (Textbook वाला)

हाइड्रोजन परॉक्साइड (H₂O₂) में थोड़ा धोने का सोडा / MnO₂ डालने पर
तेजी से ऑक्सीजन निकलती है —
➡️ MnO₂ यहाँ उत्प्रेरक है।


🔹 Final One-liners (Exam Gold 🔥)

✔️ ऑक्सीकारक = इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने वाला
✔️ अपचायक = इलेक्ट्रॉन त्यागने वाला
✔️ अपचायक स्वयं ऑक्सीकृत होता है
✔️ ऑक्सीकारक स्वयं अपचयित होता है
✔️ जंग लगना = मंद अभिक्रिया
✔️ उदासीनीकरण = तीव्र अभिक्रिया
✔️ उत्प्रेरक अभिक्रिया की गति बदलता है पर स्वयं नहीं बदलता


🔹 उत्प्रेरक का प्रयोग (Example – H₂O₂ अपघटन)

सामान्य अवस्था में हाइड्रोजन परॉक्साइड (H₂O₂) धीरे-धीरे टूटता है।
लेकिन जब इसमें KI (पोटैशियम आयोडाइड) मिलाते हैं तो –

🧪 अभिक्रिया –

2H₂O₂ —KI→ 2H₂O + O₂ ↑

➡️ KI की उपस्थिति में H₂O₂ तेजी से अपघटित होकर ऑक्सीजन गैस छोड़ता है
➡️ यहाँ KI = उत्प्रेरक


🔹 1.4.1 उत्प्रेरक के गुण (Properties of Catalyst)

⭐ बहुत महत्वपूर्ण बिंदु (Exam Gold 🔥)

1️⃣ उत्प्रेरक अभिक्रिया की गति बदलता है, पर स्वयं के द्रव्यमान या रासायनिक संघटन में कोई परिवर्तन नहीं होता।

2️⃣ उत्प्रेरक की बहुत थोड़ी मात्रा भी पर्याप्त होती है।

3️⃣ उत्प्रेरक क्रिया-विशिष्ट (Specific) होता है —
एक उत्प्रेरक केवल विशेष अभिक्रिया को ही प्रभावित करता है।

4️⃣ उत्प्रेरक अग्र एवं प्रतिगामी दोनों अभिक्रियाओं की गति को समान रूप से बढ़ाता है,
इससे साम्य शीघ्र स्थापित होता है, लेकिन साम्यावस्था नहीं बदलती।

5️⃣ उत्प्रेरक केवल गति बदल सकता है, अभिक्रिया को प्रारम्भ नहीं कर सकता।


🔹 1.4.2 उत्प्रेरकों के प्रकार

(Types of Catalysts)

उत्प्रेरक दो प्रकार के होते हैं –


🔥 (1) धनात्मक उत्प्रेरक (Positive Catalyst)

✅ परिभाषा

वे उत्प्रेरक जो रासायनिक अभिक्रिया की गति को बढ़ाते हैं,
उन्हें धनात्मक उत्प्रेरक कहते हैं।


🧪 उदाहरण –

(i) पोटैशियम क्लोरेट का अपघटन

2KClO₃ —MnO₂→ 2KCl + 3O₂

➡️ MnO₂ = धनात्मक उत्प्रेरक


(ii) अमोनिया का निर्माण (हैबर विधि)

N₂ + 3H₂ —Fe(Mo)→ 2NH₃

➡️ Fe (मोलिब्डेनम सहित) = धनात्मक उत्प्रेरक


(iii) H₂O₂ का अपघटन

KI या MnO₂ की उपस्थिति में अपघटन तेज हो जाता है।


❄️ (2) ऋणात्मक उत्प्रेरक (Negative Catalyst / Inhibitor)

✅ परिभाषा

वे उत्प्रेरक जो रासायनिक अभिक्रिया की गति को कम कर देते हैं,
उन्हें ऋणात्मक उत्प्रेरक या अवरोधक (Inhibitor) कहते हैं।


🧪 उदाहरण –

(i) ग्लिसरीन की उपस्थिति में –

2H₂O₂ —ग्लिसरीन→ 2H₂O + O₂

➡️ यहाँ ग्लिसरीन अपघटन की गति को कम करता है
➡️ ग्लिसरीन = ऋणात्मक उत्प्रेरक


(ii) क्लोरोफॉर्म का ऑक्सीकरण

2CHCl₃ + O₂ —C₂H₅OH→ 2COCl₂ + 2HCl

➡️ यहाँ एथिल अल्कोहल (C₂H₅OH) ऋणात्मक उत्प्रेरक है
➡️ यह क्लोरोफॉर्म के ऑक्सीकरण को धीमा करता है


🔹 परीक्षा के लिए Super Important One-liners 🔥

✔️ उत्प्रेरक स्वयं अभिक्रिया में नष्ट नहीं होता
✔️ उत्प्रेरक बहुत कम मात्रा में प्रभावी होता है
✔️ धनात्मक उत्प्रेरक गति बढ़ाता है
✔️ ऋणात्मक उत्प्रेरक गति घटाता है
✔️ उत्प्रेरक साम्यावस्था नहीं बदलता
✔️ उत्प्रेरक क्रिया-विशिष्ट होता है
✔️ ऋणात्मक उत्प्रेरक को अवरोधक (Inhibitor) भी कहते हैं


1.4.3 उत्प्रेरक की विशेष श्रेणियाँ (Catalyst Modifiers)

(3) स्वतः उत्प्रेरक (Autocatalyst): जब किसी अभिक्रिया में बना उत्पाद ही उसी अभिक्रिया की गति बढ़ा देता है, तो उसे स्वतः उत्प्रेरक कहते हैं। उदाहरण: CH₃COOC₂H₅ + H₂O → CH₃COOH + C₂H₅OH
(यहाँ बना एसीटिक अम्ल स्वयं उत्प्रेरक की तरह कार्य करता है)

(4) जैव उत्प्रेरक (Enzyme / Bio-catalyst): जीवों में होने वाली रासायनिक क्रियाओं की गति बढ़ाने वाले पदार्थ जैव उत्प्रेरक कहलाते हैं। उदाहरण (पाचन क्रिया): स्टार्च —(टायलीन)→ माल्टोज
माल्टोज —(माल्टेज)→ ग्लूकोज
ग्लूकोज —(जाइमेज)→ ऐल्कोहॉल


1.4.4 उत्प्रेरक की क्रियाशीलता को प्रभावित करने वाले पदार्थ

(1) उत्प्रेरक वर्धक (Promoter): वे पदार्थ जो उत्प्रेरक की क्रियाशीलता बढ़ाते हैं। उदाहरण: CO + 2H₂ —(ZnO, Cr₂O₃)→ CH₃OH
(ZnO उत्प्रेरक, Cr₂O₃ वर्धक)

(2) उत्प्रेरक विष (Poison): वे पदार्थ जिनकी उपस्थिति से उत्प्रेरक की क्रियाशीलता कम हो जाती है। उदाहरण: 2H₂O₂ —(Pt)→ 2H₂O + O₂
यदि HCN मिला दिया जाए तो प्लेटिनम की क्रियाशीलता घट जाती है।


1.4.5 भौतिक अवस्था के आधार पर उत्प्रेरण के प्रकार

(1) समांगी उत्प्रेरण (Homogeneous Catalysis): जब अभिकारक और उत्प्रेरक दोनों की भौतिक अवस्था समान हो। उदाहरण: अम्लीय माध्यम में एस्टरीकरण अभिक्रिया।


विषमांगी उत्प्रेरण (Heterogeneous Catalysis)

यदि अभिकारक और उत्प्रेरक की भौतिक अवस्था भिन्न हो तो ऐसी अभिक्रिया को विषमांगी उत्प्रेरण कहते हैं तथा उत्प्रेरक को विषमांगी उत्प्रेरक कहते हैं।

उदाहरण

  • 2SO₂(g) + O₂(g) → 2SO₃(g) (NO गैस उत्प्रेरक)

  • C₁₂H₂₂O₁₁ + H₂O —H₂SO₄→ C₆H₁₂O₆ + C₆H₁₂O₆ (शर्करा का जल अपघटन)

  • N₂(g) + 3H₂(g) —Fe(Mo)→ 2NH₃(g)

  • 4NH₃(g) + 5O₂(g) —Pt→ 4NO + 6H₂O

इन अभिक्रियाओं में अभिकारक गैसीय अवस्था में तथा उत्प्रेरक ठोस अवस्था में होता है।


महत्वपूर्ण बिंदु (Revision Points)

  1. भौतिक परिवर्तन में पदार्थ के भौतिक गुण बदलते हैं, परिवर्तन अस्थायी व उत्क्रमणीय होता है।

  2. रासायनिक परिवर्तन सामान्यतः स्थायी व अनुत्क्रमणीय होता है।

  3. संयोजन अभिक्रिया में दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक नया पदार्थ बनाते हैं।

  4. विस्थापन अभिक्रिया में एक तत्व दूसरे को उसके यौगिक से विस्थापित करता है।

  5. द्विविस्थापन अभिक्रिया में दो यौगिकों के आयनों का परस्पर विनिमय होता है।

  6. अपघटन अभिक्रिया में एक यौगिक टूटकर दो या अधिक सरल पदार्थ बनाता है।

  7. उष्माक्षेपी अभिक्रिया में ऊष्मा उत्सर्जित होती है।

  8. उष्माशोषी अभिक्रिया – जिन अभिक्रियाओं में ऊष्मा का अवशोषण होता है, उन्हें उष्माशोषी अभिक्रिया कहते हैं।

    9. ऑक्सीकरण (Oxidation)

    • ऑक्सीजन का संयोग या हाइड्रोजन का त्याग।

    • ऋण विद्युत तत्व (electron) का त्याग।

    • इसे विलेय-इलेक्ट्रॉनीकरण भी कहते हैं।

    10. अपचयन (Reduction)

    • हाइड्रोजन का संयोग या ऑक्सीजन का त्याग।

    • इलेक्ट्रॉन का ग्रहण।

    • इसे इलेक्ट्रॉनीकरण भी कहते हैं।

    11. ऑक्सीकारक एवं अपचायक (Electronic theory के अनुसार)

    • जो पदार्थ इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है, वह ऑक्सीकारक कहलाता है।

    • जो पदार्थ इलेक्ट्रॉन त्याग करता है, वह अपचायक कहलाता है।

    12. अभिक्रिया की गति के आधार पर प्रकार

    • तीव्र अभिक्रिया

    • मंद अभिक्रिया

    13. उत्प्रेरक (Catalyst) – वह बाह्य पदार्थ जो स्वयं अपरिवर्तित रहते हुए अभिक्रिया की गति को बदल देता है, उत्प्रेरक कहलाता है। प्रकार –

    • धनात्मक उत्प्रेरक

    • ऋणात्मक उत्प्रेरक

    • स्वतः उत्प्रेरक

    • जैव उत्प्रेरक

    14. उत्प्रेरण (Catalysis) – उत्प्रेरक द्वारा अभिक्रिया की गति में परिवर्तन की प्रक्रिया को उत्प्रेरण कहते हैं। प्रकार –

    • समांगी उत्प्रेरण

    • विषमांगी उत्प्रेरण

    15. उत्प्रेरक वर्धक (Promoter) – वे पदार्थ जो उत्प्रेरक की क्रियाशीलता को बढ़ाते हैं, उत्प्रेरक वर्धक कहलाते हैं।

    16. उत्प्रेरक विष (Catalyst Poison) – वे पदार्थ जो उत्प्रेरक की क्रियाशीलता को कम कर देते हैं, उत्प्रेरक विष कहलाते हैं।


    अभ्यासार्थ प्रश्न – बहुविकल्पीय (हल सहित)

    प्रश्न 1. ओजोन अणुओं का ऑक्सीजन अणुओं में परिवर्तित होना किस प्रकार की अभिक्रिया है?

    • (क) विस्थापन

    • (ख) अपघटन ✅

    • (ग) संयोजन

    • (घ) उष्माशोषी

    सही उत्तर – (ख) अपघटन व्याख्या: एक यौगिक के टूटकर सरल अणुओं में बदलने की क्रिया अपघटन कहलाती है।


    प्रश्न 2. ऑक्सीकरण अभिक्रिया का उदाहरण है –

    • (क) Cl + e⁻ → Cl⁻

    • (ख) MnO₂ → Mn²⁺

    • (ग) Fe²⁺ → Fe³⁺ + e⁻ ✅

    • (घ) Cr₂O₇²⁻ → 2Cr³⁺

    सही उत्तर – (ग) व्याख्या: Fe²⁺ → Fe³⁺ + e⁻ में इलेक्ट्रॉन का त्याग हो रहा है, इसलिए यह ऑक्सीकरण है।


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