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बुधवार, 21 जनवरी 2026

राजस्थान के क्षेत्रीय लोक नृत्य

राजस्थान के क्षेत्रीय लोक नृत्य
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▪️घूमर नृत्य
=> स्थान – मारवाड़, जयपुर
=> विशेष विवरण – राजस्थान के लोक नृत्यों की  आत्मा।
▪️ढोल नृत्य
=> स्थान – जालौर
=> विशेष विवरण – शादी के अवसर पर पुरुषों द्वारा समूह-नृत्य।
▪️चंग नृत्य
=> स्थान – शेखावाटी
=> विशेष विवरण – होली पर पुरुषों का समूह-नृत्य।
▪️गीदड़ नृत्य
=> स्थान – शेखावाटी
=> विशेष विवरण – होली से पूर्व डांडा रोपण से होली के सप्ताह भर बाद तक चलता है।
▪️झूमर नृत्य
=> स्थान – हाड़ोती
=> विशेष विवरण – स्त्रियों द्वारा त्योहारों व मांगलिक अवसरों पर।
▪️बिंदौरी नृत्य
=> स्थान – झालावाड़ 
=> विशेष विवरण – होली व विवाह पर पुरुषों द्वारा समूह- नृत्य।
▪️घुड़ला नृत्य
=> स्थान – मारवाड़ 
=> विशेष विवरण – लड़कियाँ नाचती हुई घर-घर तेल मांगती है।
▪️अग्नि नृत्य
=> स्थान – कतरियासर (बीकानेर)
=> विशेष विवरण – बीकानेर के जसनाथी सिद्धों द्वारा फतै-फतै के उद्‌घोष के साथ जलते अंगारोंं पर किया जाता है।
▪️बम नृत्य
=> स्थान – भरतपुर, अलवर
=> विशेष विवरण – होली पर ढ़ाईं-तीन फुट ऊंचे नगाड़े पर पुरुषों का समुह-नृत्य।
▪️लांगुरिया नृत्य
=> स्थान – करौली 
=> विशेष विवरण – करौली में कैला देवी के मेले में किया जाने वाला नृत्य।
▪️डांग नृत्य
=> स्थान – नाथद्वारा (राजसमंद)
=> विशेष विवरण – होली के अवसर पर किए जाने वाला नृत्य।
▪️डांडिया नृत्य
=> स्थान – मारवाड़
=> विशेष विवरण – पुरुषों द्वारा किया जाने वाला नृत्य।
▪️नाहर नृत्य
=> स्थान – मांडल (भीलवाड़ा)
=> विशेष विवरण – शेर की वेशभूषा में किया जाता है।
▪️ढप नृत्य
=> स्थान – शेखावाटी
=> विशेष विवरण – बसंत पंचमी पर किया जाता है।
▪️चोगोला नृत्य
=> स्थान – डूंगरपुर
=> विशेष विवरण – होली पर स्त्रियों-पुरुषों का सामूहिक नृत्य।
▪️रण नृत्य
=> स्थान – मेवाड़
=> विशेष विवरण – पुरुषों द्वारा हाथों में तलवार लेकर किया जाता है।
▪️पेजण नृत्य
=> स्थान – वागड़ (डूंगरपुर, बांसवाड़ा)
=> विशेष विवरण – दीपावली के अवसर पर किया जाता है।
▪️चारकुला
=> स्थान – भरतपुर,अलवर 
=> विशेष विवरण – महिलाएं  सिर पर बर्तन के ऊपर दीपक जलाकर करती है।

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