रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान:- 
सवाई माधोपुर।
1955 - वन्यजीव अभयारण्य का दर्जा।
1973-74 - टाइगर प्रोजेक्ट में शामिल (राजस्थान का प्रथम)
1 नवंबर,1980 - राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा।
1998 से 2004 - WB के सहयोग से इंडियन इको डवलपमेंट परियोजना चलायी गयी।
20 जून,2008 को यहां से बाघों का विस्थापन सरिस्का में किया गया (बाघ-सुल्तान, बाघिन-बबली)
29 जुलाई,2023 को राज्य सरकार ने T-111 के 3 शावकों का नामकरण (चिरायु,चिरंजीवी,अवनी) किया।
यहां की प्रसिद्ध बाघिन मछली (T-16) पर फिल्म भी बनी है।
प्रमुख पर्यटन स्थल:-
• रणथम्भौर दुर्ग
• कुत्ते की छतरी
• जोगी महल
• त्रिनेत्र गणेश मंदिर
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