📘 राजस्थान का भौगोलिक स्वरूप – महत्वपूर्ण संक्षिप्त नोट्स
1️⃣ भौगोलिक स्थिति
• राजस्थान भारत का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है (लगभग 3,42,239 वर्ग किमी)।
• यह 23°3’ से 30°12’ उत्तरी अक्षांश तथा 69°30’ से 78°17’ पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है।
• कर्क रेखा राज्य के दक्षिणी भाग के समीप से गुजरती है (बांसवाड़ा के निकट)।
• राज्य का अधिकांश भाग शुष्क एवं अर्ध-शुष्क जलवायु वाला है।
2️⃣ सीमाएँ व पड़ोसी राज्य
• पश्चिम में – पाकिस्तान (अंतरराष्ट्रीय सीमा लगभग 1070 किमी के आसपास)।
• उत्तर में – पंजाब, हरियाणा; पूर्व में – उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश; दक्षिण में – गुजरात, मध्य प्रदेश।
• राजस्थान का बड़ा भाग थार मरुस्थल से आच्छादित है, जो मुख्यतः पश्चिमी जिलों में फैला है।
3️⃣ प्रमुख भौतिक प्रदेश (Physiographic Divisions)
राजस्थान को सामान्यतः चार मुख्य भौतिक भागों में बाँटा जाता है –
1. पश्चिमी शुष्क मरुस्थलीय प्रदेश (थार मरुस्थल)
2. अरावली पर्वतमाला क्षेत्र
3. पूर्वी मैदानी एवं पठारी क्षेत्र (जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा-बूँदी आदि के भाग)
4. दक्षिण-पूर्वी हाड़ौती एवं मालवा संपर्क क्षेत्र (कोटा, बाराँ, झालावाड़, बूंदी आदि)
4️⃣ अरावली पर्वतमाला
• अरावली विश्व की प्राचीनतम पर्वतमालाओं में से एक है।
• राजस्थान में यह दक्षिण-पश्चिम (अबू) से उत्तर-पूर्व (दिल्ली की ओर) तक तिरछी रेखा में फैली है।
• गुरू शिखर (माउंट आबू) – राजस्थान का सर्वोच्च शिखर (~1722 मी के आसपास)।
• अरावली राज्य को दो भागों में बाँटती है – पूर्वी आर्द्र क्षेत्र और पश्चिमी शुष्क मरुस्थलीय क्षेत्र।
5️⃣ थार मरुस्थल
• थार मरुस्थल को "ग्रेट इंडियन डेजर्ट" भी कहा जाता है।
• राजस्थान के पश्चिमी भाग – जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू आदि जिलों में मुख्य विस्तार।
• बालू के ऊँचे-नीचे टीलों (धोरां) की अधिकता, कम वर्षा, तीव्र हवाएँ और उच्च तापांतर इसकी विशेषता हैं।
• यहाँ फलैट मैदान, रेत के टीलों के अलावा प्लाया झीलें (खारे पानी की झीलें) भी मिलती हैं, जैसे – सांभर, डीडवाना, पोकरण, कच्छमान आदि।
6️⃣ प्रमुख नदियाँ
• राजस्थान की अधिकांश नदियाँ मौसमी (बरसाती) स्वभाव की हैं।
• लूणी – पश्चिमी भाग की प्रमुख नदी, जो कच्छ की खाड़ी के निकट लवणीय दलदल में समाप्त होती है।
• बनास – चम्बल की प्रमुख सहायक नदी, उद्गम अरावली क्षेत्र (कुम्भलगढ़ पर्वत) से।
• चम्बल – राज्य के दक्षिण-पूर्वी भाग से बहती है, परंतु इसका उद्गम मध्य प्रदेश में है।
• सबरमती, माही आदि नदियाँ भी दक्षिण-पश्चिमी भाग में प्रवाहित होती हैं।
7️⃣ जलवायु व वर्षा
• राजस्थान में उष्ण व अर्ध-शुष्क जलवायु पाई जाती है।
• पश्चिमी राजस्थान में वर्षा बहुत कम (~100 मिमी से भी कम) जबकि दक्षिण-पूर्वी भाग (हाड़ौती) में अपेक्षाकृत अधिक (~800–1000 मिमी तक)।
• गर्मियों में तापमान कई बार 48–50°C तक पहुँच जाता है।
• सर्दी में माउंट आबू व उत्तरी भागों में तापमान 0°C के आसपास भी चला जाता है।
8️⃣ मिट्टी व वनस्पति
• पश्चिमी भाग – रेतीली व बलुई मिट्टी, कम जैविक पदार्थ, क्षारीयता अधिक।
• पूर्वी व दक्षिणी भाग – दोमट, काली एवं लेटराइट प्रकार की मिट्टियाँ।
• वनस्पति – शुष्क पर्णपाती वन, कंटीली झाड़ियाँ, कीकर, बबूल, खेजड़ी, रोहिड़ा, पॉड, नीम आदि।
• माउंट आबू क्षेत्र – अधिक वर्षा के कारण सदाबहार वनों, चीड़ आदि वृक्षों का विकास।
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